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हुकुमत के काजी नाजी बनकर निर्दोष शिक्षकों को डॅंसने का काम बन्द कर दे : धर्मेन्द्र गहलोत

सिरोही ब्यूरो न्यूज़

संयोजक हरीश दवे

ये दरकार राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) मुख्य महामंत्री धर्मेन्द्र गहलोत ने जिला निर्वाचन अधिकारी सिरोही सुरेन्द्र कुमार सोलंकी से जिला प्रतिनिघि मण्डल की उपस्थिति में ज्ञापन देकर की। मुख्य महामंत्री गहलोत ने मॉग की कि बीएलओ कार्य से प्रतिनियुक्त सेवानिष्ठ कर्मठ अर्जुन राम राणा अध्यापक राउमावि आखाजी का टीबा के निलम्बन आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जावे साथ ही अप्रमाणिक एवं गलत तथ्य प्रस्तुत करने वाले लापरवाह सुपरवाईजर थानाराम देवासी को निलम्बित कर कठोर दण्ड की कार्यवाही अमल में लायी जावे।

मुख्य महामंत्री ने इस मामले मे जिला प्रशासन को 24 घण्टे का अल्टीमेटम देकर कहा कि यदि आहत को राहत और दोषी को दण्ड नहीं मिला तो जिला कलक्टर कार्यालय के बाहर सत्याग्रह प्रारम्भ कर राज्य की जनहितैषी सरकार से न्याय की दरकार की जायेगी।

मुख्य महामंत्री ने मामले से अवगत करवाते हुये जिला निर्वाचन अधिकारी से कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देशित विभागों से चुनाव कार्य में बीएलओ लगाये जाने का अकिंत होने के बावजुद जिले में शिक्षकों को इस कार्य में लगाकर राजकीय विधालयों की शिक्षण व्यवस्था को खराब किया जा रहा हैं। शिक्षक पूर्ण निष्ठा से इस कार्य को करने को समर्पित होने के बावजुद कुछ अधिकारी अपने पद के प्रभाव का दुरूपयोग कर उन्हे राजशाही की तरह दबाकर काम लेने की नियत पाले हुये हैं।

शिक्षक द्वारा अधिकारी के शोषण और अभद्रता कार्य में असहयोग का विरोध करने पर उन्हें निलम्बित किया जा रहा हैं जिसका संगठन पुरजोर तरीके से विरोध कर कडे शब्दों में निन्दा करता हैं। लोकतन्त्र के काजी हुकुमत के नाजी बनकर यदि शिक्षकों की राज्य सेवा को कलंकित करे ये कभी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। एैसा ही मामला उपरोक्त श्री अर्जुन लाल राणा अध्यापक के साथ बना हैं जिसमें सुपरवाईजर थानाराम देवासी द्वारा तहसीलदार पिण्डवाडा को पेश अप्रमाणिक तथ्यों पर अध्यापक श्री अर्जुन राणा को निलम्बित किया गया हैं। अनुसुचित जन जाति के श्री अर्जुन लाल राणा एक निष्ठावान और सेवानिष्ठ अध्यापक हैं

 

जिसपर आज तक विभाग द्वारा कभी कोई प्रतिकुल टिप्पणी नहीं की गई हैं। श्री राणा भुला जैसे रिमोट अतिसंवेदनशील खतरनाक एसटी बेल्ट क्षेत्र में तैनात होकर भी बीएलओ कार्य को पुर्ण निष्ठा से सम्पन्न करने को प्रतिबद्ध रहे हैं।

ये वो कालापानी समान क्षेत्र हैं जहॉ श्रीमान तहसीलदार पिण्डवाडा और श्रीमान उपखण्ड अधिकारी आबुपर्वत अपने सेवाकाल में गिने चुने समय भी विजिट पर नहीं गये होंगे जिसकी जानकारी आप ले सकते हैं। ये वो क्षेत्र हैं जहॉ टावर की सुविधा नगण्य रहती हैं। एैसे रिमोट क्षेत्र में सेवा देने वाले कार्मिको को प्रोत्साहन और सहायता देने की बजाय उन्हे बीएलओ की बैठक में कार्य हेतु डराया धमकाया जाता हैं। दिनॉक 07-10-2019 की पिण्डवाडा तहसील में आयोजिल बीएलओ बैठक में उपस्थित सुपरवाईजर ने एक शिक्षक को अपमानित करने के लिये बुरी तरह से इस प्रकार धमकाया कि अन्य शिक्षक बीएलओ भयग्रस्त हो जावे।

उस शिक्षक को उसी समय निलम्बित करवाने तक की धमकी देकर अन्य बीएलओ शिक्षको में भय का माहौल पैदा करने का कथित प्रयास किया गया जिसपर श्री अर्जुन राणा ने विरोध प्रकट किया लापरवाही के लिये संबधित पर कार्यवाही नियमानुसार हो लेकिन भाषा की अभद्रता किसी सुरत में स्वीकार नहीं की जायेगी।बस तभी श्री अर्जुन राणा को निलम्बित करवाने का आभास करवा दिया गया था जो अत्यन्त दुर्भाग्यपुर्ण अलोकतान्त्रिक और अवैधानिक माना जा सकता हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र कुमार सोलंकी ने मुख्य महामंत्री धर्मेंद्र गहलोत को आश्वस्त किया कि अर्जुन राणा को शीघ्र ही बहाल कर दिया जाएगा। प्रतिनिधि मंडल में जिला मंत्री इनामुल हक कुरैशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदीश खंडेलवाल, उपशाखा पिंडवाड़ा अध्यक्ष मनोहर सिंह चौहान, गुरुदीन वर्मा, सत्यनारायण बेरवा, उपशाखा सिरोही मंत्री इंदर मल खंडेलवाल, शंकर राणा, अशोक मालवीय, रमेश परमार, अर्जुन राणा, रघुनाथ मीणा, धर्मेंद्र खत्री सहित अनेक शिक्षक नेता शामिल हुऐ।

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