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काम के नाम कोल्हू का बैल और काम करते मौत पर मुआवजा नही। बीएलओ से बेगारी बन्द हो - गहलोत

सिरोही ब्यूरो न्यूज़

बीएलओ प्रभुराम मेघवाल की सड़क दुर्घटना में मौत पर चुनाव आयोग से मुआवजे की मांग का मामला राष्ट्रपति तक पहुँचा।

सिरोही-राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र गहलोत ने भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, मुख्य निर्वाचन आयुक्त भारत सरकार को ज्ञापन भेजकर बीएलओ कार्य को चुनाव ड्यूटी की श्रेणी में मानते हुए सड़क दुर्घटना में मौत के शिकार बीएलओ प्रभुराम मेघवाल को निर्वाचन नियमो में 20 लाख मुआवजा स्वीकृत करने हेतु मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजस्थान सरकार को तत्काल आदेशित करने की दरकार की है।

वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र गहलोत ने ज्ञापन से ध्यानाकर्षित कर लिखा है कि राजस्थान सरकार के उपखण्ड अधिकारी (एसडीएम) आबू पर्वत ने निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी के पदनाम से पत्रांक चुनाव/बीएलओ/2017/743/ दिनाँक 20-07-2017 द्वारा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 13ग में दिए गए प्रावधान के अंतर्गत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय खारा वाटेरा पंचायत समिति पिण्डवाड़ा जिला सिरोही राजस्थान के प्रभुराम मेघवाल अध्यापक लेवल-1को चुनाव कार्य हेतु बीएलओ नियुक्त किया गया था।उक्त आदेश के अंतिम पृष्ठ पर प्रतिलिपि बीएलओ को देकर चुनाव सम्बंधित अभिलेख का आदान प्रदान करने का साफ साफ नोट अंकित है। उल्लेखनीय है कि प्रभुराम मेघवाल एक बीएलओ के रूप में निर्वाचक नामावली से लेकर चुनाव सम्बंधित समस्त कार्य का निष्ठा पूर्वक निर्वहन कर रहे थे।

दिनाँक 4-11-2019 को चुनाव सम्बंधित कागजात लेने प्रभुराम मेघवाल अपने निवास झाडोली आये थे। रात्रि करीब 8.00 बजे मोटरसाइकिल में पेट्रोल भरवाकर लौटने के वक्त झाडोली पुलिया के पास एक सड़क दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल होने से अगले दिन अस्पताल मे प्रभुराम मेघवाल की दर्दनाक मौत हो गई।

उपरोक्त प्रकरण में एक अनुसूचित जाति के निर्दोष सन्तानहीन तलाकशुदा सेवारत बीएलओ की दुर्घटना में दर्दनाक मौत पर पीड़ति की मनोनीत बुजुर्ग विधवा बेसहारा माता को निर्वाचन नियमो में 20 लाख का मुआवजा स्वीकृत करने हेतु पीड़ति परिवार की फरियाद पर संगठन ने जिला निर्वाचन अधिकारी सिरोही-राजस्थान, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ,राजस्थान, जयपुर को लिखित ज्ञापन प्रेषित कर दरकार की थी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी,राजस्थान, जयपुर ने जिला निर्वाचन अधिकारी सिरोही द्वारा चाहे मार्गदर्शन अनुसार संगठन को प्रेषित पत्र में अंतिम पंक्ति में अंकित किया है कि ““ बूथ लेवल अधिकारी द्वारा किये गए कार्य चुनाव ड्यूटी की श्रेणी में नहीँ आते है।““ श्रीमान मुख्य निर्वाचन अधिकारी के उक्त आदेश से चुनाव कार्य मे निष्ठापूर्वक सेवा दे रहे समस्त बीएलओ में जीवन सुरक्षा कवच को लेकर जबरदस्त भय उत्पन्न हो गया है। चुनाव निर्वाचक नामावली तैयार करने उसमे नाम जुड़वाने ,नाम संशोधन करवाने से लेकर साल भर बीएलओ केवल शहर ही नहीँ हर गाँव की ढाणी दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में घर घर जाकर फील्ड ड्यूटी देकर सूची बनाते हैं। कड़ी धूप हो या कड़ाके की ठंड या फिर मौसम तूफान का हो या बारिश बीएलओ पर निर्वाचन अधिकारी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का भय डालकर कोल्हू के बैल की तरह उनसे काम लेते है।

उसके निष्पादन अवधि में यदि उसकी दुर्घटना में मौत हो जाती है तो निर्वाचन नियमो में मुआवजे के नाम ठेंगा दिखाया गया है जो कतई स्वीकार नहीँ हो सकता। और यही निर्दोष बीएलओ प्रभुराम मेघवाल की सड़क दुर्घटना में मौत के मामले में प्रकाश में आया है। नियुक्ति निर्वाचन नियमो में-काम में जरा सी चूक पर सेवा से निलंबित-काम की अवधि में दुर्घटना में मौत पर कोई मुआवजा नही ये कैसा लोकतन्त्र में न्याय है? यदि बूथ लेवल अधिकारी के कार्य चुनाव ड्यूटी की श्रेणी में नही आते तो निर्वाचन विभाग ने इसे किस श्रेणी में डाल रखा है ये आज तक स्पस्ट क्यों नही किया? अनुसूचित जाति के सन्तानहीन तलाकशुदा निर्दोष सेवारत बीएलओ मृत श्री प्रभुराम मेघवाल की बेसहारा हुई बुजुर्ग विधवा माता के आंसुओं को पोंछने की बजाय उसे आर्थिक पीड़ा में भुखमरी गरीबी के हवाले करने के ऐसे अलोकतांत्रिक आदेश का संगठन ने प्रतिकार किया है। साथ ही ज्ञापन में दरकार की है कि बीएलओ ड्यूटी को चुनाव ड्यूटी की श्रेणी में मानकर समस्त बीएलओ को सुरक्षा कवच प्रदान कर सड़क दुर्घटना में मृत बीएलओ प्रभुराम मेघवाल की मनोनीत बुजुर्ग विधवा माता को 20 लाख का मुआवजा स्वीकृत करने के आदेश निर्वाचन अधिकारी राजस्थान ,जयपुर को देकर संगठन को भी सूचित करावे।काम के नाम कोल्हू का बैल और काम करते मौत पर मुआवजा नहीं ऐसे यदि बूथ लेवल अधिकारी के कार्य को चुनाव ड्यूटी में नही माना जा सकता तो इस प्रकार के बीएलओ नियुक्ति के अलोकतांत्रिक बेगारी लेने के आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त करवाने के आदेश प्रदान कर कर्मिको को सेवा सुरक्षा दी जावे।

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